जानियें क्यों खास है ये मास, स्नान दान करने का मिलता है पुण्य, पढ़िये
इस समय सावन का महीना चल रहा है। वही 18 जुलाई से अधिक मास शुरू हो गया है।जो की 17 अगस्त तक रहेगा। हिन्दू कैलेंडर के इस एक्स्ट्रा महीने में अक्षय पुण्य देने वाला माना जाता है। पुराणों में इस बात का जिक्र है की तीन साल में आने वाले अधिक मास में भगवान विष्णु की पूजा के साथ स्नान दान करने से अक्षय पुण्य मिलता है और इस समय ब्रज की यात्रा करने से भी सभी तीर्थो की यात्रा करने जितना पुण्य मिलता है। अधिक मास में इन शुभ कामो की मनाही,3 साल में बढ़ता है एक महीना।
खास बात
इस महीने ॐ भगवते वासुदेवाय ; द्वादश अक्षर मंत्र का जाप किया जाता है क्युकी भक्त पहलाद ने इसी मंत्र का जाप करके भगवान को नसिंघ अवतार में पाया था।
इस महीने में सक्रंतृ नहीं होती है
अधिक मास में सूर्य किसी भी राशि में प्रवेश नहीं करता है।इस महीने में सूर्य संक्रान्त्रि नहीं होने के कारण पोडषोपचार पूजन नहीं होता है यानि नवग्रह पूजन करने का विधान नहीं है और हर वो पूजन जिसने नवग्रहों की जरूरत होती है,इस दौरान नहीं किया जाता है।
ये है पुरुषोत्तम मास के लाभ
इस महीने में ब्र्हा मुहर्त में सन्ना और दान करने का विशेष महत्व होता है।भगवान विष्णु से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान,खासतौर से भगवत पाठ ,रामायण पाठ,हरिवंश पुराण पाठ आदि करना शुभ माना गया है।पीपल में भगवान विष्णु का वास माना गया है।ऐसा माना जाता है पीपल के पेड़ को जल चढ़ाकर उसकी परिक्रमा करने और भगवान विष्णो के मंत्रो का जाप करने से परेशानिया दूर होती है। अधिक मास में चावल से शखं पूजा किया जाता है।जो लक्ष्मी आगमन के लिए शुभ माना जाता है।

